Ramlala Darshan: प्राण प्रतिष्ठा के बाद डेढ़ से दो लाख भक्त रोजाना अयोध्या पहुंच रहे थे। अप्रैल में हो रही भीषण गर्मी की वजह से भक्तों की संख्या 50 हजार के करीब पहुंच गई है। ।
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अयोध्या/( सुनील शर्मा) / सूरज की तपिश से तापमान लगातार बढ़ रहा है। सुबह नौ बजे से ही तेज धूप हो रही है। बुधवार को अयोध्या में दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा। सूरज की तपिश का असर आस्था के तापमान पर भी पड़ रहा है। रामलला के दर्शनार्थियों की घटती संख्या इसका संकेत दे रही है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से रोजाना डेढ़ से दो लाख भक्त रामलला के दरबार में हाजिरी लगाते थे, अब यह संख्या तीन गुना घटकर 50 हजार तक पहुंच गई है। दर्शनार्थी घटे हैं तो कारोबार भी घटा है।।
रामजन्मोत्सव के मुख्य पर्व 17 अप्रैल के बाद से रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या में काफी कमी आई है। इसका कारण तेज गर्मी, चुनावी माहौल, गांवों में गेहूं की कटाई को बताया जा रहा है। भक्तों की संख्या कम होने के चलते पिछले करीब ढाई माह से बंद श्रीराम अस्पताल से राम जन्मभूमि पथ तक जाने वाली लेन को भी खोल दिया गया है। ।
बुधवार को इस लेन से भी वाहनों का आवागमन सुचारु रूप से होता रहा है। और दर्शन के लिए श्रद्धालु भी जाते रहे। रामलला के दर्शन कर लौट रहे लखनऊ निवासी हरिशंकर सिंह ने बताया कि भीड़ बिल्कुल नहीं है। बड़े की सुगमता से दर्शन हो रहे हैं। 62 वर्षीय अंजनी पाठक भी दर्शन कर लौट तो बताया कि 40 मिनट में रामलला के दर्शन हो गए। दो फरवरी को जब रामलला के दर्शन करने आए थे तो करीब डेढ़ घंटे लगे थे।।
व्यापार पर पड़ी चोट
कपड़ा व्यापारी शैलेश यादव ने बताया कि सुबह से धूप काफी तेज हो जाती है। सात दिनों से दोपहर का व्यापार लगभग खत्म हो गया है। दोपहर में ग्राहक नहीं निकल रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से तुलना करें तो व्यापार तीन गुना घट गया है। धार्मिक वस्तुओं के विक्रेता सुनील गुप्ता ने बताया कि अब रामलला के चित्रों व अन्य धार्मिक वस्तुओं की बिक्री करीब तीन गुना घट गई है। दिन भर में मुश्किल से रामलला के 20 चित्र बिक रहे हैं। इसका कारण तेज धूप व गर्मी ही है।।
रामनवमी के बाद से घट रहे दर्शनार्थी।
17 अप्रैल- एक लाख
18 अप्रैल- 60 हजार
19 अप्रैल- 56 हजार
20 अप्रैल-54 हजार
21 अप्रैल-48 हजार
22 अप्रैल-63 हजार
23 अप्रैल- 77 हजार।
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