अयोध्या। रामनगरी में प्रवाहित मोक्षदायिनी सरयू का जल निरंतर प्रदूषित हो रहा है। जनवरी से अप्रैल के बीच पिछले चार महीने में सरयू में दशमलव पांच मिलीग्राम प्रदूषण बढ़ा है। यह दावा सरयू पर शोध कर रहे अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग के एसोसिएट प्रो़ विनोद चौधरी का है। उनका कहना है कि सरयू में गिर रहे प्रदूषित पानी व कचरों के चलते सरयू की निर्मलता प्रभावित हो रही है। सरयू का जल स्नान करने योग्य तो है, लेकिन मुंह में डालने या पीने योग्य नहीं है।। 
प्रो़ चौधरी का कहना है कि नालों की वजह दूषित पानी ही नहीं, कचड़ा और प्लास्टिक भी नदी में गिर रहा है। प्लास्टिक का सेवन करने से जलीव जीवों का जीवन खतरे में है। गर्मी में नदियों में पानी कम हो जाता है, जिससे जल प्रवाह थम जाता है। इससे भी नदियों में प्रदूषण बढ़ता है। जनवरी में सरयू में प्रदूषण की मात्रा यानी बीओडी 2़ 6 मिलीग्राम थी। अप्रैल में यह 3़ 1 मिलीग्राम तक पहुंच गई है।। 
प्रो़ चौधरी के अनुसार, सरयू में केमिकल ऑक्सीजन डिमांड यानी सीओडी का मान ठीक है। सीओडी के जरिये कचड़ा, गंदगी आने की स्थिति परखी जाती है। 100 मिलीग्राम से ऊपर सीओडी हो, तभी गड़बड़ माना जाता है। सरयू में सीओडी 20 मिलीग्राम से भी कम है। इसका आशय है कि सरयू का जल स्नान और सिंचाई के लिए ठीक है, लेकिन पीने के लिए ठीक नहीं है। सरयू में बैक्टीरिया की मात्रा परखने की जो इकाई है, उसे टोटल कैलीफाॅर्म कहते हैं। यदि 100 मिलीलीटर पानी में टोटल कैलीफाॅर्म 50 से कम हैं तो पानी पीने योग्य है, लेकिन सरयू जल में दो हजार से बैक्टीरिया हैं।। । 
विज्ञान की भाषा आसान तरीके से समझिए
-पीएच से पता चलता है कि पानी अम्लीय है या क्षारीय। पीएच को हाइड्रोजन की सांद्रता बोलते हैं। सात व आठ मिलीग्राम पीएच रहता है तो वह न्यूट्रल माना जाता है। यानी न अम्लीय न क्षारीय। जब छह से कम होता है तो अम्लीय माना जाता है। इससे ऊपर होने पर क्षारीय माना जाता है।

- डॉ़ विनोद के अनुसार, पानी में घुलित ऑक्सीजन यानी डीओ यदि चार मिलीग्राम से कम होता है तो उसमें मछलियां मरने लगती हैं। डीओ का मान चार से अधिक होने पर काफी अच्छा माना जाता है। गर्मियों में पानी की मात्रा कम हो जाती है इसलिए डीओ का मान थोड़ा घटता है, लेकिन सरयू का डीओ अच्छा है।
-सरयू में प्रदूषण का मानक यानी बीडीओ तीन मिलीग्राम से अधिक है, जो अच्छा नहीं माना जाता है। हालांकि, यह स्थिति अभी सुधारी जा सकती है। यदि समय रहते इस पर ध्यान दे दिया जाए।। 
माह- पीएच - डीओ (मिलीग्राम) -बीओडी (मिलीग्राम)-सीओडी (मिलीग्राम)
जनवरी-8़ 11 -9़ 3 -2़ 6 -17़ 1
फरवरी- 8़ 07 -9़ 1 -2़ 7 -17़ 3
मार्च- 7़ 5- 8़ 5 -2़ 9 -17़ 9
अप्रैल- 7़ 0- 8़ 0- 3़ 1- 18़ 0।