मध्य प्रदेश: 20 एकड़ जमीन, 13000 सागौन के पेड़... दो दशक में 100 करोड़ का मालिक बन गया बुंदेलखंड का यह किसान
टीकमगढ़ /( सुनील शर्मा) बुंदेलखंड के किसान अनिल बड़कुल ने एक कमाल किया है। उन्होंने 20 एकड़ में 13000 सागौन के पेड़ लगाए हैं, जिसकी कीमत आज 100 करोड़ है। यानी 20 साल में सागौन की खेती से वह अरबपति बन गए हैं। उन्होंने नवभारत टाइम्स.कॉम से बात करते हुए बताया है कि कैसे उन्होंने यह कमाल किया है।मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक किसान ने कमाल किया है। 20 एकड़ की खेती से 100 करोड़ की कमाई सुनकर आप हैरान रह जाएंगे लेकिन यह पूरी तरह से सच है, जिसकी चर्चा पूरे जिले में है। आज स्थिति है कि दूसरे लोग भी इनसे प्रेरणा लेते हैं। किसान ने बुंदेलखंड के उस मिथक को तोड़ा है, जिसमें कहा जाता रहा है कि खेती जी का जंजाल है। इन कहावतों को धता बताते हुए किसान ने 20 एकड़ जमीन पर 100 करोड़ की फसल तैयार कर ली है। अब यह अरबपति किसान बन गए हैं।
दरअसल, टीकमगढ़ शहर के रहने वाले किसान अनिल बड़कुल ने ऐसा कमाल किया है। इनका कमाल देखकर देखने वाले दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं। जी हां, उन्होंने अपनी खेती में फसलों के साथ-साथ सागौन के पेड़ की खेती शुरू की। करीब 20 एकड़ में सागौन के पौधे रोपे जो आज 100 करोड़ से अधिक के हो गए हैं।
अब इस किसान ने चंदन के पेड़ों की खेती शुरू कर दी है। अनिल बड़कुल कहते हैं कि वह लंबे समय से खेती कर रहे थे लेकिन खेती का सौदा घाटे में जा रहा था। उनके मन में वर्ष 2003 में विचार आया कि क्यों ना सागौन के पेड़ लगाए जाए। इसी लक्ष्य को लेकर के उन्होंने वर्ष 2003 में सागौन के पौधे रोपना शुरू किया।
उन्होंने 20 एकड़ जमीन में 13000 सागौन के पेड़ लगाए। ये सभी पेड़ 2003 से 2013 तक में लगाए हैं। 2023 में इन पेड़ों की कीमत 100 करोड़ पहुंच गई है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि उन्नत किसान बनने के लिए परंपरागत खेती से किसानों को बाहर निकलना होगा। उन्हें पेड़ लगाकर के उन्नत किसान बनना होगा। इसके साथ ही वह धन से भी उन्नत बन सकते हैं।
किसान अनिल बड़कुल बताया कि बुंदेलखंड का मौसम भी सागौन के पेड़ के अनुकूल है। इसलिए इसमें ज्यादा खर्चा नहीं आता है। पौधा रोपने के बाद उसकी देखभाल और पानी मुख्य होता है। पौधे की देखभाल सिर्फ 3 साल करना पड़ती है। इसके बाद उसे लगातार पानी देना पड़ता है। 20 साल में उनके प्रयास में मिट्टी ने सोना पैदा कर दिया है।
वहीं, किसान अनिल बड़कुल ने बात करते हुए कहा कि मैं 30 साल खेती कर रहा था। 10 बीतने के बाद मेरे मन में यह विचार आया कि खुद का लाभ तो बढ़े ही, साथ में पर्यावरण को भी लाभ मिले। इसके बाद मैंने अलग-अलग जगहों पर जाकर इसके बारे में जानकारी ली। इसके बाद 2003 से मैंने पेड़ लगाने की शुरुआत की है। सागौन लगाने के लिए खेत की फेंसिंग चाहिए।
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