रायपुर /( सुनील शर्मा) छत्तीसगढ़ में चुनावी हार के साथ ही कांग्रेस पार्टी के भीतर की अंतर्कलह अब सतह पर आ गई है.
पाँच साल की सत्ता से बेदख़ल हो चुके भूपेश बघेल, अब अपने ही लोगों के निशाने पर हैं.
भूपेश बघेल सरकार में मंत्री, विधायक रह चुके नेता, हर दिन अपने ही लोगों के ख़िलाफ़ गंभीर आरोप लगा रहे हैं.
भूपेश बघेल की सरकार में राजस्व मंत्री रह चुके जयसिंह अग्रवाल ने हार का ठीकरा भूपेश बघेल पर फोड़ते हुए कहा, ''भूपेश बघेल ने मंत्रियों के अधिकार छीन लिए थे और मंत्रियों के इलाके में भ्रष्ट नौकरशाहों को नियुक्त किया गया था, जो मंत्री-विधायक की सुनते ही नहीं थे.''एक और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेता केवल अपनी-अपनी देख रहे थे, इसलिए पार्टी हारीवहीं टिकट काटे जाने से नाराज़ एक विधायक ने तो प्रदेश की प्रभारी कुमारी शैलजा को 'हीरोइन' बताते हुए उन कई गंभीर आरोप लगाए.
एक अन्य पूर्व विधायक ने तो पार्टी के एक नेता पर पैसे लेने के आरोप लगाए, वहीं चुनाव हारने वाले एक पूर्व विधायक ने अपने ही नेताओं पर चुनाव हरवाने का आरोप लगाया है.
कांग्रेस ने इन आरोप-प्रत्यारोप के बीच कुछ नेताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा है.
इधर चुनाव हार चुके, सांसद और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया, ''भूपेश बघेल जी के ख़िलाफ़ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, यह उचित नहीं है. अगर कोई बात है तो उसे पार्टी फ़ोरम में ही रखा जाना चाहिए. पार्टी नेताओं की सार्वजनिक आलोचना को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.''
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