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मेयर, सभापति एवं स्वयं अपने ही वार्ड में हार गए वोरा,भाजपा ने गया नगर वार्ड 4 में लिया सर्वाधिक लीड,देखिए शहर के 60 वार्ड में भाजपा कांग्रेस को मिले मत के वार्डवार आंकडे

मेयर, सभापति एवं स्वयं अपने ही वार्ड में हार गए वोरा,भाजपा ने गया नगर वार्ड 4 में लिया सर्वाधिक लीड,देखिए शहर के 60 वार्ड में भाजपा कांग्रेस को मिले मत के वार्डवार आंकडे
दुर्ग /( सुनील शर्मा) भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र यादव के शहर विधानसभा चुनाव में 48,697 मतों से बंफर जीत के बाद वार्डवार वोटों के आंकड़े सामने आए है जिसमे भाजपा ने तीन वार्डो को छोड़कर सभी वार्डो में जबर्दस्त बढ़त प्राप्त की है गौर करने वाली बात यह भी है कि विधायक अरुण वोरा से लेकर महापौर धीरज बाकलीवाल सभापति राजेश यादव सहित अधिकांश एमआईसी सदस्यों व कांग्रेसी पार्षदों के वार्ड में भी अरुण वोरा को बुरी तरह हार का समाना करना पड़ा है।भाजपा को अत्यधिक बढ़त गयानगर वार्ड 4 में मिली है जिसमे सर्वाधिक वोट 2937 मत लेकर पूरे शहर के 60 वार्डो में सबसे ज्यादा 2237 वोट से रिकार्ड जीत दर्ज की है इस वार्ड में पार्षद  पूर्व सभापति  दिनेश देवांगन की धर्मपत्नि का हैं यहाँ पार्षद श्रीमती लीना दिनेश देवांगन है जो भाजपा के युवा नेता पूर्व सभापति दिनेश देवांगन की पत्नी है इसी वार्ड के लोगो ने पार्षद के नेतृत्व में लगातार पानी व अन्य समस्यायो को लेकर विधायक अरुण वोरा के खिलाफ लगातार आंदोलन  प्रदर्शन करते रहे है । बावजूद इसके पूर्व विधायक ने कभी भी गंभीरता से नहीं लिया। कुछ लोगों की माने तो अरुण वोरा की कमजोरिया गिनाए और कहाँ कि किताब के पन्ने  भी कम  पड़ जाय। वहीं अरुण की सादगीपूर्ण व्यवहार की भी लोगों ने किया। वहीं कुछ लोगों ने उनके प्रति आक्रोशित भी थे। 
इसी प्रकार अन्य सभी भाजपा पार्षदों के अलावा कांग्रेस पार्षदों के वार्डो में भी भाजपा को पहली बार बढ़त मिली है कई वार्डो को भाजपा पूर्व के विधानसभा चुनाव में कभी नहीं जीती थी लेकिन तकिया पारा 1308 व केलाबाड़ी वार्ड 41 से 1037 मतों से जहा दो एमआईसी मेंबर लोककर्म प्रभारी अब्दुल गनी व स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर के वार्ड  है यहां भाजपा अच्छी खासी मतों से पिछड़ी है जबकि वार्ड 44 में  सिर्फ 94 मतों के मामूली अंतर से हारे है। दुर्ग शहर विधान सभा के 216 बुथो को 60 वार्डो के अनुसार समायोजित कर वार्डवार आंकड़े बनाए गए है जो इस प्रकार है। वहीं नोटा को सर्ववधिक 933 मत पड़े। इसका मतलब किसी भी 24 प्रतयाशीयों को मतदाता ने पसंद नहीं किया, और नाहीं उन्हें अपना मत दिया। बता दे जिन वार्डों में भाजपा ज्यादा लीड की वहा महिला मतदाता ने पुरूष मतदाता की तुलना में ज्यादा मत महिलाओ ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया। राजनीतिक सलाहकरो की माने तो इस चुनाव में सर्वाधिक् मताधिकार का प्रयोग महिलाओ ने एक ही पार्टी के पक्ष में किया हैं जिनके वजह से लीड की संख्या बढ़ी हैं। 

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