रायपुर/( सुनील शर्मा) भाजपा से कांग्रेस में आए बड़े आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने एकबार फिर सियासी पाला बदल लिया है। उन्होंने अब कांग्रेस का दामन छोड़ने का मन बनाया है। पिछले दिनों ही वो भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। साय ने 30 अप्रैल 2023 को भाजपा से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस ज्वाइन की थी। उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देने के अगले दिन ही तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ली थी।
भाजपा का दामन छोड़ने के बाद उन्होंने अपने एक बयान में पार्टी पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि वो अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी जैसे लोगों के साथ रहे हैं, लेकिन अटल आडवाणी के दौर की को जो भाजपा थी, अब पार्टी का वह रूप नहीं रह गया है। नंदकुमार साय के कांग्रेस में शामिल होते ही CSIDC का अध्यक्ष बनाया गया था।
जोगी सरकार को हटाने में निभाई थी बड़ी भूमिका
छत्तीसगढ़ गठन के बाद भाजपा ने नंदकुमार साय को नेता प्रतिपक्ष बनाया था। उस दौरान नंदकुमार साय ने पार्टी नेताओं के साथ राजधानी में जोगी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में नंदकुमार साय का पुलिस लाठीचार्ज से पैर टूट गया था। भाजपा ने इस घटना को चुनावों में भी भुनाया था और जोगी सरकार के अत्याचार को मुद्दा बनाया, जिसके बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी।
घर वापसी पर लोगों ने कहा
घर वापसी पर लोगों ने कहाँ सुबह का भुला शाम को घर आ जाए तो लोग उसे भुला नहीं कहते। वहीं कुछ लोगों ने उन्हे राजनिती के मौसम वैज्ञानीक भी कहाँ कुछ ने यह कह कर टाल दिया जिधर बम उधर हम कहा।श्री साय इसी साल भाजपा का दामन छोड़ कर कांग्रेस में आये थे। साल के अंतिम 10 दिन पहले पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया हैं।।नंदकुमार साय ने एकबार फिर सियासी पाला बदल लिया है। उन्होंने अब कांग्रेस का दामन छोड़ने का मन बना लिया है। पिछले दिनों ही वो भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। साय ने 30 अप्रैल 2023 को भाजपा से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस ज्वाइन की थी। उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देने के अगले दिन ही तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ली थी। अब वे कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया हैं ,
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