हाइलाइट्स
रामलला की ड्रेस बनाने वाले मनीष त्रिपाठी ने रोचक किस्सा बताया है
राम की मूर्ति तैयार होने के दौरान रोज शाम को आते थे वानरराज
अयोध्या/( सुनील शर्मा) प्रभु श्री राम लला सरकार के भव्य मंदिर में हर रोज देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं। एक दिन पहले 20 मार्च को अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अमेरिका से अपने पति और बेटी के साथ प्रभु राम का दीदार करने आई थीं। इस बीच, रामलला के वस्त्र डिजाइन करने वाले कॉस्ट्यूम डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने मूर्ति तैयार होने के दौरान का एक रोचक किस्सा शेयर किया है। एक यूट्यूब चैनल पर मनीष ने बताया- 'अयोध्या के बंदर बहुत नटखट होते हैं। यहां के हर घर में उनकी शरारतों से बचने के लिए आपको जाली लगी दिखेगी। जिस शेड में भगवान की मूर्ति तैयार हो रही थी, वहां एक शांत स्वभाव का बंदर रोज शाम को पांच बजे आता था। जब तक मूर्ति का काम चलता रहता था, तब तक वानरराज वहां मौजूद रहते थे। तब मैंने मूर्तिकार अरुण योगीराज से कहा था कि ये हनुमान जी हैं तभी रोज यहां भगवान का दर्शन करने आते हैं।'।
ज्योतिष के आचार्य राम पेडी निवासी अंशु पाण्डेय व मनीष त्रिपाठी ने सनयुक्त रूप से बताया- ' जनवरी में ठंड की वजह से शेड को बाहर से पूरी तरह कवर कर दिया गया था। हमने सोचा कि अगर ऐसा रहा तो हनुमान जी कैसे अपने प्रभु का दर्शन कर पाएंगे। यह सोचकर हमने शेड का एक हिस्सा नहीं ढका। शेड का जो दरवाजा था वह काफी वजनी था। उसे खोलने में काफी ताकत लगती थी पर वानर राज हर रोज शाम साढ़े चार से साढ़े पांच बजे के बीच आते थे और एक झटके से दरवाजा खोल देते थे। फिर वे 10 से 15 सेकेंड के लिए रामलला की मूर्ति के सामने खड़े रहते थे और दर्शन कर वापस चले जाते थे। ये उनका रोज का काम था। हम लोगों का पूरा विश्वास हो गया था कि ये हनुमान जी ही हैं। हम लोग उनको देखते ही हाथ जोड़कर खड़े हो जाते थे।
फिल्मी सितारों के ड्रेस डिजाइन करते हैं मनीष
गौरतलब है कि मनीष त्रिपाठी यूपी के अंबेडकरनगर के रहने वाले हैं। वह मुंबई में फिल्मी सितारों के भी ड्रेस डिजाइन करते हैं। वह भारतीय हथकरघा ब्रांड के पूर्व राष्ट्रीय सलाहकार के पद पर भी रह चुके हैं। इसके अलावा आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के आधिकारिक डिजाइन और बीसीसीआई में डिजाइन पार्टनर के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने निफ्ट दिल्ली से फैशन एंड टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की है। रामलला के वस्त्र तैयार करने के बाद वह खुद को बेहद सौभाग्यशाली मानते हैं।
किसने रखा 'बालक राम' नाम?
आपको बता दें कि इस साल 22 जनवरी को एक भव्य समारोह के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का शुभारंभ किया था। मैसूर के रहने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज ने सात महीने में रामलला की मूर्ति तैयार की थी। तराशी गई 51 इंच की इस मूर्ति को 3 अरब साल पुरानी चट्टान से बनाया गया है। रामलला की मूर्ति का 'बालक राम' नाम कांच कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जगदगुरु श्रीविजयेंद्र सरस्वती स्वामीगल ने रखा था।
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