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श्रीकृष्ण की वो 5 बाल लीलाएं, जिसके बाद लोगों ने उन्हें भगवान माना

श्रीकृष्ण की बाल लीला और गोवर्धन पूजा, रुक्मणी विवाह,के प्रसंग सुन हुए भाव विभोर 
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नवागाँव (दुर्ग )/ ( सुनील शर्मा) ग्राम नवागाँव ( बोरी) में 10 फरवरी (शनिवार) से 16 फरवरी 2024 तक आयोजीत श्रीमद भागवत कथा के पांचवे  दिन के भागवत कथा में कृष्ण बाल लीला का वर्णनः कथा ज्ञान में भगवान श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह।के साथ सम्पन्न हुआ। श्री कृष्ण जन्म कथा स्व श्री रामखिलावन दुबे परिवार  निज निवास पर श्रीमद भागवत महापुराण मूल पाठ साप्ताहिक ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कथा व्यास भागवत मर्मज्ञ पं.पू. जगेश्वर तिवारी जी के श्रीमुख से कथा रसपान कराया।साथ ही संगीत मय श्री कृष्ण जन्म उत्सव में श्री कृष्ण भजन भी सुनाया। 


 1.उंगली पर उठाया पर्वत - एक बार इंद्र देव ने अहंकार में गोकुल में इतनी बारिश कर दी की गांव डूबने लगे. ग्वाल, बाल, मनुष्य सभी के प्राण बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने बहुत छोटी उम्र में एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया. सभी ने अपने प्राण बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत की शरण ली. कृष्ण 7 दिन तक भूखे इसी तरह खड़े रहे. इस तरह कान्हा ने इंद्र का घमंड चूर-चूर किया. कृष्ण की इस लीला को देखकर सब हैरान थे.
2.कृष्ण के मुंह में दिखा ब्रह्मांड - एक बार खेलते हुए बाल गोपाल ने मिट्‌टी खा ली थी, बड़े भाई बलराम ने कान्हा की इस हरकत का जिक्र मैय्या यशोदा से किया. जब मैय्या ने कान्हा का मुंह खोलकर देखा तो उन्हें समस्त ब्रह्मांड दिखाई दिया, कृष्ण की इस लीला को देखकर मां यशोदा आश्चर्य चकित रह गईं.। 
3.पूतना को दी सजा - पौराणिक कथा के अनुसार कंस ने कृष्ण को मारने के पूतना को भेजा. पूतना भेष बदलकर आई लेकिन बाल गोपाल उसे पहचान गए. जब पूतना ने अपने वक्ष पर विष लगाकर कान्हा को दुग्धपान कराया तो कृष्ण ने उसके वक्ष से ही प्राण खींच लिए और राक्षसी पूतना का वध कर दिया.। 
4.कालिया का सिखाया सबक - कहते हैं यमुना नदी पर कालिया नाग ने कब्जा जमा लिया था, उसके जहर से यमुना काली पड़ गई थी. एक बार खेलते हुए कान्हा की गेंद नदी में चली गई, उसे लाने के लिए कृष्ण नदी में कूद पड़े. कान्हा और कालिया नाग के बीच भयंकर युद्ध हुआ. कृष्ण लीला देखकर कालिया नाग उनके आगे झुक गया. जिसके बाद वह उसके फन पर नाचने लगे.। 
5.जन्म के समय हुआ चमत्कार - श्री कृष्‍ण ने कंस के कारावास में जन्म ल‌िया और इनका जन्‍म होते ही कारावास के दरवाजे खुल गए और प्रहरी गहरी नींद में सो गए. आकाशवाणी हुई की बाल गोपाल को नंद के घर पहुंचा दें और नंदराय की नवजात कन्या को लेकर आ जाएं. ये था कृष्ण की पहली अद्भुत लीला.।। 

कृष्ण बाल लीला, माखन चोरी व गोवर्धन पूजा के प्रसंग का कथा में वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कृष्ण ने बृजवासियों को मूसलाधार बारिश से बचाने के लिए सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी सबसे छोटी उंगली पर उठाकर रखा और गोप-गोपिकाएं उसकी ओट में सुखपूर्वक रहे।
गोवर्धन पूजा का महत्व
भगवान ने गोवर्धन को नीचे रखा और हर वर्ष गोवर्धन पूजा करके अन्नकूट उत्सव मनाने की आज्ञा दी। तभी से यह उत्सव अन्नकूट के नाम से मनाया जाने लगा। इसके बाद साध्वी जी ने श्रीकृष्ण भगवान के माखन चोरी की कथा सुनाई। कथा सुनकर प्रभु भक्त भाव विभोर हो गए। श्री कृष्ण की माखन चोरी की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि जब श्रीकृष्ण भगवान पहली बार घर से बाहर निकले तो उनकी बृज से बाहर मित्र मंडली बन गई। सभी मित्र मिलकर रोजाना माखन चोरी करने जाते थे। सब बैठकर पहले योजना बनाते कि किस गोपी के घर माखन की चोरी करनी है।। 
श्रीकृष्ण माखन लेकर बाहर आ जाते और सभी मित्रों के साथ बांटकर खाते थे। भगवान बोले कि जिसके यहां चोरी की हो उसके द्वार पर बैठकर माखन खाने में आनंद आता है। माखन चोरी की लीला का बखान करते हुए उन्होंने भगवान कृष्ण के बाल रूप का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण बचपन में नटखट थे। भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं से जुड़ी कथा को सुनने व अधिकाधिक संख्या में कथा में भागीदार बनने के लिए भक्तों में भारी उत्साह दिखाई पड़ रहा है। 

भागवत कथा में कृष्ण बाल लीला का वर्णनः कथा ज्ञान में भगवान श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह। 
कथा में  महाराज श्री ने आगे कहा कि भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला ऑन का सुंदर चित्रण व्यास पीठ पर आसीन पंडित कथा व्यास भागवत मर्मज्ञ पं.पू. जगेश्वर तिवारी जी के श्रीमुख से आज पांचवे  दिन कि कथा रसपान कराया।  । श्री कृष्ण भगवान ने बाल लीलाओं के माध्यम से यह ज्ञान दिया कि धर्म की रक्षा के लिए धर्म करने वालों का नाश करना भी जरूरी है। भगवान श्री कृष्ण कंस द्वारा भेजे गए असुरों का वध किया एवं अंत में कृष्ण का भी वध कर धर्म की रक्षा की । कार्यक्रम में श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह की व्याख्या बहुत ही सुंदर तरीके से किया गया । श्रद्धालु गणों ने विवाह में कन्यादान कर पुण्य लाभ कमाया श्री मद भागवत  कथा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा द्वारा भजन गीत और नृत्य भी किये गए ।। 
अधभूत संयोग    श्रीमद भागवत महापुराण  के रुक्मणी विवाह  अवसर पर प्रमुख यजमान  शिओम् शर्मा की बहन कु नूपुर शर्मा का  विवाह  बन्धन का रिश्ता हुआ तय...

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