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रायपुर संभाग का वोटर किसके साथ: अब तक की सर्वाधिक वोटिंग, जानिए... 20 सीटों पर वोटिंग और रिजल्‍ट का ट्रेंड

रायपुर संभाग में विधानसभा की कुल 20 सीटे हैं। 2018 में कांग्रेस 14, भाजपा 5 और जकांछ 1 सीट जीती थी। 2023 में कांग्रेस ने रिकार्ड तोड़ 7 सीटिंग एमएलए का टिकट काट दिया। भाजपा ने भी एक सीटिंग एमएलए को टिकट नहीं दिया। वहीं, जकांछ के एक मात्र विधायक ने चुनाव से ठीक पहले पार्टी छोड़ दिया।

रायपुर/( सुनील शर्मा) प्रदेश का सबसे महत्‍वपूर्ण संभाग रायपुर। महत्‍वपूर्ण इस वजह से क्‍योंकि प्रदेश की राजधानी इसी संभाग में आती है। प्रदेश की दशा और दिशा तय करने वाले निधि निरधारक इसी संभाग में रहते हैं। इस संभाग में 5 जिलों की विधानसभा की 20 सीटें आती हैं। सीटों की संख्‍या के लिहाज से रायपुर सबसे बड़ा है। यहां विधानसभा की कुल 7 सीटे हैं।
पहले हुए विधानसभा के 4 चुनावाओं की तुलना में इस बार रायपुर संभाग में सबसे ज्‍यादा वोटिंग हुई है। हालांकि 2018 की तुलना में 9 सीटों पर मतदान कम हुआ है। वहीं, 11 सीटों पर वोटिंग बढ़ा है। 2023 में 20 सीटों पर औसत 76.18 प्रतिशत मतदान हुआ है। 2018 में यह आंकड़ा 75.76 था। 2008 में 75.83 और 2003 में 71.24 प्रतिशत मतदान हुआ था।। 
2013 के विधानसभा चुनाव में इस संभाग में भाजपा को 15 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। एक सीट पर भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्‍याशी के रुप में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। कांग्रेस 2013 में जिन 4 सीटों पर जीती थी उसमें बलौदाबाजार, रायपुर ग्रामीण, अभनपुर और धमतरी शामिल थे। 2018 में कांग्रेस इसमें से बलौदाजाबार और धमतरी सीट हार गई थी। 2008 में इन 4 में से केवल एक धमतरी सीट कांग्रेस जीती थी।

4 सीटों पर हर बार पार्टी बदलती है जनता

इस संभाग की 4 सीटें ऐसी हैं, जहां हर बार जनता पार्टी बदल देती है। ये 4 सीट महासमुंद जिला की है। सरायपाली, बसना, खल्‍लारी और महासमुंद सीटों पर 2003 में भाजपा जीती थी। 2008 में इन चारों सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज किया। 2013 में 3 सीटों पर भाजपा जीती और एक सीट पर भाजपा के बागी ने निर्दलीय के रुप में जीत दर्ज किया। ट्रेंड के अनुसार 2018 में इन चारों सीट कांग्रेस जीती। राजिम सीट पर भी यही स्थिति रही है। 2008 और 2018 में कांग्रेस जीती है। वहीं 2003 और 2013 में यह सीट भाजपा जीती थी।

संभाग की एक सीट पर कांग्रेस कभी नहीं जीती। 

इस संभाग की रायपुर दक्षिण सीट पर कांग्रेस आज तक जीत नहीं पाई है। वहीं, धरसींवा सीट 2018 के पहले कांग्रेस कभी नहीं जीती थी। इसी तरह बिंद्रानवागढ़ सीट 2003 के बाद कांग्रेस नहीं जीती है। रायपुर ग्रामीण और अभनपुर सीट कांग्रेस पिछले दो चुनावों से लगातार जीत रही है।। 

कुरुद में 3 प्रतिशत बढ़ा तो रायपुर की 2 सीटों पर 4 प्रतिशत की कमी

2018 की तुलना में 2023 में रायपुर संभाग की 9 सीटों पर मतदान कम हुआ है। इनमें रायपुर पिश्‍चम और रायपुर उत्‍तर सीट पर 4 प्रतिशत से ज्‍यादा की कमी आई है। वहीं, कुरुद सीट पर 3 प्रतिशत वोटिंग बढ़ी है। कुरुद में 90.17 प्रतिशत वोटिंग हुई है जो राज्‍य की 90 सीटों में सर्वाधिक है। बीते 2 चुनावों से सीट पर भाजपा का कब्‍जा है। राजिम सीट पर भी लगभग साढ़े 3 प्रतिशत ज्‍यादा वोटिंग हुई है।






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