रायपुर /(सुनील शर्मा) छत्तीसगढ़ में दीपावली के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश की महिलाओं को सालाना ₹15000 देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर गृह लक्ष्मी योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत महिलाओं को यह रकम मिलेगी।
रायपुर के पुलिस ग्राउंड स्थित हेलीपैड में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह ऐलान किया। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि छत्तीसगढ़ की महतारी की कृपा से हम यह ऐलान कर रहे हैं। वहीं, पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि फर्स्ट फेज के चुनाव के बाद कांग्रेस घबराहट में घोषणाएं कर रही है।
भूपेश बघेल ने कहा कि गृहलक्ष्मी से अर्थ पुत्र के लिए उसकी मां से, पति के लिए पत्नी से और पिता के लिए उसकी बेटी से है। वहीं उन्होंने भाजपा के 'महतारी वंदन योजना' के फॉर्म भरवाए जाने को लेकर कहा कि उनकी गारंटी की ही गारंटी नहीं है।
खास बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में प्रदेश की सभी विवाहित महिलाओं को सालाना 12 हजार देने का ऐलान पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इसी के जवाब में कांग्रेस अब यह घोषणा लेकर आई है।
घोषणा के बाद महिला कांग्रेस ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया
वहीं दुर्ग सांसद और पाटन से बीजेपी प्रत्याशी विजय बघेल भूपेश बघेल का छलावा बताया है। उनका कहना है कि जब हमने महतारी वंदन योजना शुरू करने का ऐलान किया तो कांग्रेसी बौखला गए। मुख्यमंत्री पहले अपनी 2018 की घोषणा को देखें। सांसद ने कहा कि 1993 में बी फार्म चेंज करके भूपेश बघेल को विधायक की टिकट मिली थी और बड़ी बड़ी बातें कर रहे हैं।
भूपेश सरकार ने राज्य के ऊपर 82 हजार करोड़ का कर्ज चढ़ा दिया है। यदि फिर से मौका मिला तो छत्तीसगढ़ में बेचने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। अब छत्तीसगढ़ और पाटन की जनता आपको पूरी तरह से जान चुकी है। भूपेश झूठ बोलने की मशीन है, इसलिए इनके बहकावे न आवें।
दोनों पार्टी का महिलाओं-किसानों पर फोकस
भाजपा और कांग्रेस के घोषणा-पत्रों में दोनों का फोकस महिलाओं और किसानों पर है। भाजपा ने जहां 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान 3100 रुपए में खरीदी और शादीशुदा महिलाओं को 12 हजार रुपए देने का वादा किया है। वहीं कांग्रेस ने कर्ज माफी के साथ ही 3200 रुपए में धान खरीदी और गैस सिलेंडर पर 500 रुपए सब्सिडी देने का वादा किया है।
महिलाओं के लिए वादे
कांग्रेस
सभी आय वर्ग को गैस सिलेंडर में 500 रु सब्सिडी
स्व सहायता
समूह का कर्ज माफ
बीजेपी
BPL परिवार की माताओं बहनों को 500 में गैस सिलेंडर
| हर विवाहित महिला को 12 हजार रु और गर्भवती महिला को 21 हजार रुपए
| महिलाओं के लिए भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क 150 फीसदी कम और हर जिले में पिंक थाने।
किसानों-मजदूरों के लिए वादे
कांग्रेस
| इस बार भी किसानों का कर्ज माफ
| धान का मिलेगा 3200 रुपए प्रति क्विंटल
120 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी
तिवरा भी समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा
| लघु वनोपज की MSP पर मिलेंगे | अतिरिक्त 10 रु प्रति किलो
| तेंदूपत्ता का प्रति बोरा 6000 रुपए और 4000रु सालाना बोनस
भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के | तहत अब सालाना 10 हजार रु देंगे
| 700 नए RIPA का होगा निर्माण
बीजेपी
एक मुश्त भुगतान करेंगे।
3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी होगी
21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी
छोटे किसानों के कॉलेज तक पढ़ने वाले बच्चों को 2 लाख छात्रवृत्ति
चरण पादुका योजना फिर से शुरू करेंगे।
तेंदूपत्ता संग्रहण 5000 रुपए बोरा, अतिरिक्त संग्रहण पर 4500 बोनस
खेतिहर मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए देंगे
किसान-मजदूरों को 5 लाख का जीवन बीमा।
कर्नाटक में भी है गृहलक्ष्मी योजना
कर्नाटक सरकार ने महिलाओं के लिए रक्षाबंधन के मौके पर गृह लक्ष्मी योजना की शुरुआत की थी। इस योजना की शुरुआत बुधवार 30 अगस्त को मैसुरू शहर में की गई। इसके तहत लाभार्थियों को हर महीने 2-2 हजार रुपये दिए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रविवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया। सबसे बड़ी घोषणा कांग्रेस ने 3200 रुपए में धान खरीदी की कर सबको चौंका दिया है।
कांग्रेस
रायपुर के राजीव भवन में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और सीएम भूपेश बघेल राजनांदगांव में इसे लॉन्च किया। इनके अलावा संभागवार अलग-अलग नेताओं ने इसे जारी किया।।
बीजेपी
2. अमित शाह ने जारी किया छत्तीसगढ़ भाजपा का घोषणापत्र: 3100 रुपए में धान खरीदी; महिलाओं को 12 हजार, मजदूरों को देंगे 10 हजार।
रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बीजेपी ने 3 नवंबर को अपना घोषणा पत्र जारी किया। इसे मोदी की गारंटी नाम दिया गया है। शाह ने बड़ा वादा किसानों और धान खरीदी को लेकर करते हुए कहा कि हम सत्ता में आए तो कृषि उन्नति योजना की शुरुआत करेंगे। 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान 3100 रुपए में खरीदेंगे। बीजेपी ने मजदूरों को 10 हजार रुपए देने का वादा भी किया है। वहीं शादीशुदा महिलाओं को 12 हजार रुपए मिलेंगे।
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