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शारदीय नवरात्रि का में कलश स्थापना का मुहूर्त और महत्व

दुर्ग / (  सुनील शर्मा)  इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का पर्व रविवार 15 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। ऐसे में मां दुर्गा स्वर्ग लोक से पृथ्वी पर हाथी की सवारी के साथ आएंगी। शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा पृथ्वी लोक में वास करती हैं। मां दुर्गा स्वर्ग से पृथ्वीलोक में आने के लिए किसी न किसी वाहन पर सवार होकर आती हैं।

मां की सवारी हाथी होगी

 शास्त्रों के अनुसार जिस दिन नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि लगी होती है उसी के अनुसार मां की सवारी का निर्धारण होता है। रविवार के दिन नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पड़ने के कारण मां की सवारी हाथी होगी। हाथी को सुख-समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है, ऐसे में मां दुर्गा पृथ्वी लोक के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली के लेकर आएंगी। 

शारदीय नवरात्रि 2023 की तिथियां

नवरात्रि का पहला दिन    मां शैलपुत्री की पूजा    15 अक्टूबर 2023
नवरात्रि का दूसरा दिन    मां ब्रह्मचारिणी की पूजा    16 अक्टूबर 2023
नवरात्रि का तीसरा दिन    मां चंद्रघंटा की पूजा    17 अक्टूबर 2023
नवरात्रि का चौथा दिन    मां कूष्मांडा की पूजा    18 अक्टूबर 2023
नवरात्रि का पांचवां दिन    मां स्कंदमाता की

नवरात्रि का पांचवां दिन    मां स्कंदमाता की पूजा    19 अक्टूबर 2023
नवरात्रि का छठा दिन    मां कात्यायनी की पूजा    20 अक्टूबर 2023
नवरात्रि का सातवां दिन    मां कालरात्रि की पूजा    21 अक्टूबर 2023
नवरात्रि का आठवां दिन     मां सिद्धिदात्री की पूजा    22 अक्टूबर 2023
नवरात्रि का नौवां दिन    मां महागौरी की पूजा    23 अक्टूबर 2023
दशमी तिथि    विजयदशमी पर्व    24 अक्टूबर 2023

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