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Hartalika Teej 2024 Paran Time: हरतालिका तीज का व्रत पारण कब-कैसे करें, यहां जानें सही समय, विधि, नियम

Hartalika Teej 2024 Paran Time: गौरी-शंकर से आशीर्वाद पाने के लिए आज हरतालिका तीज व्रत किया जा रहा है. स्त्रियां हरतालिका तीज व्रत का पारण कब करें, क्या है इसकी पूरी विधि, मुहूर्त, नियम यहां जानें...... 
दुर्ग /( सुनील शर्मा) आज 6 सितंबर 2024 को अखंड सौभाग्य के लिए स्त्रियों ने हरतालिका तीज का व्रत किया है. ये व्रत विवाहित स्त्रियां पति की दीर्धायु और कुंवारी लड़किया अच्छे जीवनसाथी को पाने की कामना से रखती हैं. हरतालिका तीज व्रत 24 घंटे के लिए निर्जला किया जाता है.। 
कहते हैं ये व्रत जितना कठिन है उतना ही अधिक इसका शुभ फल प्राप्त होता है. इस व्रत का एक बार संकल्प लेने के बाद इसे आजीवन रखना पड़ता है. आइए जानते हैं कि हरतालिका तीज का व्रत कब रखा जाएगा.। 
धार्मिक मान्यता है कि हरतालिका तीज व्रत रात्रि जागरण कर किया जाता है. इस व्रत रात्रि के चारों प्रहर की पूजा होती है. अगले दिन सुबह 5-6 बजे के बीच आखिरी पूजा के बाद ही स्त्रियां हरतालिका तीज का व्रत पारण करती हैं. ऐसे में इस बार हरतालिका तीज का व्रत पारण 7 सितंबर 2024 को किया जाएगा.। 
हरतालिक तीज व्रत पारण समय - 7 सितंबर 2024 को सुबह 06.01 मिनट के बाद
हरतालिका तीज व्रत पारण की विधि (Hartalika Teej Vrat ParanVidhi)

जिन स्त्रियों ने हरतालिका तीज व्रत किया है वह अगले दिन आखिरी पूजा से पहले स्नान करें. शिव जी को बेलपत्र और माता पार्वती को समस्त पूजा की सामग्री चढ़ाएं. आरती करें और फिर सुहागिनें माता पार्वती को चढ़ाया सिंदूर अपने माथे पर लगाएं. मां पार्वती से आशीर्वाद लें. सास या नंद (जो सुहागिन हों) उन्हें सुहाग पिटारा दान करें. सुहाग पिटारा में सुहाग की सभी सामग्री (चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर, साड़ी, बिछिया, कुमकुम, दक्षिणा आदि) होनी चाहिए. इसके बाद पार्थिव शिवलिंग का विसर्जन करें और फिर पूजा में चढ़ाया भोग ग्रहण करें.

हरतालिका तीज व्रत पारण नियम (Hartalika Teej vrat paran niyam)

हरतालिका तीज का व्रत अगले दिन सूर्योदय के बाद ही खोलें. ध्यान रहें शिव-पार्वती की विधिवत पूजा और दान के बाद ही व्रत पारण किया जाता है.
हरतालिका तीज व्रत खोलते समय सबसे पहले पूजा में चढ़ाया प्रसाद ही ग्रहण करें. इसके बाद पानी पिएं.
व्रत खोलते समय लहसुन-प्याज से युक्त भोजन नहीं करना चाहिए. सात्विक भोजन करें.  । 

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