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सोनिया गांधी का राज्यसभा का रुख़ करना क्या कांग्रेस के हित में है?

ऐसे वक़्त जब लोकसभा चुनाव की घोषणा होने में कुछ ही हफ़्ते रह गए हैं, पूर्व कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने आने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए राजस्थान से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है.

साल 2004 से सोनिया गांधी लोकसभा में रायबरेली का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.

नई दिल्ली /( सुनील शर्मा) ये फ़ैसला ऐसे वक़्त आया है जब पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर हैं और इस यात्रा की टाइमिंग को लेकर आलोचना हो रही है, ओपिनियन पोल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार तीसरी बार लोकसभा चुनाव में जीत की भविष्यवाणी की जा रही है, एक के बाद एक कांग्रेस नेताओं का पार्टी छोड़ना जारी है और विपक्षी इंडिया अलायंस की पार्टियों के बीच सीटों पर तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

वरिष्ठ पत्रकार सुषमा रामचंद्रन ने सोनिया गांधी के फ़ैसले को "एक युग का अंत" बताया, और कहा कि ये फ़ैसला कांग्रेस और विपक्ष के लिए "नुक़सान" है.। 
वो कहती हैं, "न सिर्फ़ कांग्रेस, बल्कि विपक्ष के लिए भी सोनिया गांधी का लोकसभा में रहना हौसला बढ़ाने वाला था. वो विपक्ष की ओर से अपनी बात रखती थीं. ये फ़ैसला उन्हें सीधी चुनावी राजनीति से ऐसे वक़्त दूर ले जाएगा जब कांग्रेस का पतन हो रहा है.। 

तो रायबरेली से चुनाव मैदान में कौन? 

अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स के राजनीतिक संपादक विनोद शर्मा कहते हैं, "उनकी उम्र 77 साल की है. वो सीधे चुनाव से ख़ुद को दूर कर रही हैं, ऐसे वक़्त जब उनकी तबीयत ठीक नहीं है. रायबरेली जीतना आसान नहीं है और इसके लिए उन्हें कैंपेन में ज़ोर लगाना पड़ता, इसलिए बेहतर है कि ये काम किसी युवा पर छोड़ दिया जाए."

याद रहे कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है.

मीडिया कयासों की मानें तो सोनिया गांधी की जगह उनकी बेटी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली से कांग्रेस उम्मीदवार हो सकती हैं, हालांकि पार्टी की ओर से इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा गया है.

वरिष्ठ पत्रकार जावेद अंसारी कहते हैं, "मुझे साफ़ याद है कि 1999 में जब पहली बार सोनिया गांधी ने अमेठी से चुनाव लड़ा था तो ये प्रियंका ही थीं जिन्होंने चुनाव का सारा कामकाज संभाला था. तो संभावना यही है कि हम चुनावी राजनीति में प्रियंका गांधी की शुरुआत देख सकते हैं. मुझे नहीं लगता कि प्रियंका को कोई समस्या होगी. आम लोगों के साथ उनका जुड़ाव है, उनका लोगों से बातचीत करने का तरीका ज़बरदस्त है और वो उस इलाके में काफ़ी लोकप्रिय हैं. उन्होंने अपने भाई और मां के लिए कई चुनावों में काफ़ी कैंपेन किया है."

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