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कांग्रेस पार्टी जिसे काल्पनिक घोषित किया, उसी का तिलक करना पड़ रहा है वोटो के लिए

जिसे काल्पनिक घोषित किया उसी का वोटो के लिए तिलक करना पड़ रहा है ? 

दुर्ग /( सुनील शर्मा) आयोध्या में प्रभु श्री राम मन्दिर निर्माण को रोकने के लिए पूरे 20 वकीलों का फौज न्यायालय में लगाए थे। उन्हे आज वोट बैंक के ख़ातिर प्रभु श्री राम जी का तिलक करना पड़ रहा हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्य्क्ष श्रीमति सोनिया गाँधी को। 
कहते हैं कि राजनिति व जंग में सब जायज हैं। किसी समय में अपनी पार्टी काग्रेस को वोट बैंक के लिए मुस्लिमों की पार्टी घोषित किया था।  पूर्व अध्य्क्ष राहुल गांघी ने हाल में हुए विधान सभा निर्वाचन में  कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए  हिन्दू वोट बैंक को साधने में जुटे हुए हैं। पिछले बार एमपी,  राजस्थान,  छत्तीसगढ़, में सरकार बनने के बाद हिन्दू वोट बैंक को  साधने के लिए बेमन ही सही प्रभू श्री राम चंद्र भगवान का तिलक करते उनकी तस्वीर मीडिया में जारी किया था। वहीं तीन राज्य में एमपी,  राजस्थान,  छत्तीसगढ़, में विधान सभा निर्वाचन में मिलें करारी हार के बाद अब फिर राम विरोधी हो गए हैं। सत्ता हाथ से फिसलने के बाद  एक बार फिर उनका राम विरोधी चरित्र नज़र आ रहा हैं। सारी दुनिया आयोध्या में 22 जनवरी 2024 को अपने आराध्य प्रभु श्री रामलला की नये महल में प्रवेश तथा श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कांग्रेस के ऱाष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी नहीं जाएंगे। हालांकि कांग्रेस ने प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण अस्वीकार कर दिया है। कांग्रेस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्योता सम्मानपूर्वक अस्वीकार कर दिया गया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भगवान राम हमारे देश में लाखों-करोड़ों लोगों द्वारा पूजे जाते हैं। धर्म एक व्यक्तिगत मामला है। लेकिन आरएसएस/बीजेपी ने लंबे समय से अयोध्या में मंदिर को राजनीतिक प्रोजेक्ट बनाया है। बीजेपी और आरएसएस के नेताओं द्वारा अधूरे मंदिर का उद्घाटन किया जा रहा है, जोकि स्पष्ट रूप से चुनावी लाभ के लिए है। 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करते हुए और भगवान राम का सम्मान करने वाले लाखों लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी ने सम्मानपूर्वक निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है जो स्पष्ट रूप से आरएसएस/भाजपा का कार्यक्रम है।
बता दे तीनों राज्य में चुनाव हारने के बाद बोखलाहट में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कांग्रेस के ऱाष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी नहीं जाएंगे। हालांकि कांग्रेस ने प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण अस्वीकार कर दिया है।   कांग्रेस सूत्रों की माने तो  कांग्रेस के ज़मीनी कार्यकर्ताओ ने  तो यहाँ तक कह दिया कि इस कृत्य के बाद आगामी लोक सभा चुनाव में   कांग्रेस सरकार बनाने तो दूर   लोक सभा चुनाव 2024 में सीटों की लिहाज से 543 सीटों में  से 50 सीट  के आकडे तक भी नहीं पहुच पाएगी।   वहीं राजनिति के विशलेशकों की माने तो श्री राम मन्दिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद भाजपा का वोटों का ग्राफ में काफि इजाफा होगा।  भाजपा इस बार सीटों की माने तो 400 सीटों के पार की रणनीति बना रही हैं। 



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