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जल्द बदल जाएगी छत्तीसगढ़ में आत्मानंद स्कूल योजना, भाजपा ने दिए संकेत, संविदा शिक्षकों की कुर्सी अब खतरे में

जल्द बदल जाएगी छत्तीसगढ़ में आत्मानंद स्कूल योजना, भाजपा ने दिए संकेत, संविदा शिक्षकों की कुर्सी अब खतरे मेंरायपुर /( सुनील शर्मा) छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता आने के बाद अब कांग्रेस पार्टी की महत्वाकांक्षी योजना आत्मानंद स्कूल पर संकट दिखने लगा है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में आत्मानंद स्कूल योजना को बदल सकती है।
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद अब आत्मानंद स्कूल योजना खतरे में आ गई है। सरकार बदलने के बाद भूपेश बघेल सरकार की आत्मानंद स्कूल योजना को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बदलाव के संकेत दे दिए हैं। भाजपा का मानना है कि इस योजना में बहुत सी कमियां है जिसे दूर करने के लिए योजना का नाम बदलकर उसे बेहतर तरीके से सुचारू रूप से चलने की जरूरत है। आत्मानंद स्कूल योजना का नाम बदलने की खबर से अब स्कूल में काम कर रहे संविदा कर्मचारियों की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है।
पूरे प्रदेश में 847 आत्मानंद स्कूल खोले गए। 
छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने प्रदेश की स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए आत्मानंद स्कूल योजना की शुरुआत की थी। कांग्रेस ने इस योजना की शुरुआत 3 जुलाई साल 2020 से किया। इसके बाद आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल को बनाने का सिलसिला शुरू हुआ। कांग्रेस की इस योजना में पूरे प्रदेश में 847 आत्मानंद स्कूल खोले गए। कांग्रेस की सरकार ने पिछले 5 सालों में आत्मानंद स्कूल योजना को लेकर खूब प्रचार प्रसार किया। लेकिन साल 2023 की विधानसभा के चुनाव में हार के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने आत्मानंद स्कूल में बदलाव करने के साथ योजना का नाम बदलने की तैयारी में लगी हुई है। आत्मानंद स्कूल योजना का नाम बदलने के संकेत भारतीय जनता पार्टी के नेता छत्तीसगढ़ सरकार के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने दिए हैं।
नाम बदलने को लेकर मंत्री बृजमोहन ने दिए संकेत

आत्मानंद स्कूल को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का मानना है कि स्कूल को लेकर पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है। हम आने वाले दिनों में नई नीति बनाएंगे जिस पर सलाह मशवरा करने के बाद बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए योजना को नई तरह से बनाने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बीजेपी को राजनीति से ऊपर उठकर योजनाओं को आगे बढ़ना चाहिए जिससे कि बच्चों की शिक्षा और बेहतर की जा सके। जिसे लेकर आत्मानंद स्कूल योजना को सुधार की जरूरत है।
शिक्षकों पर कैसा संकट
छत्तीसगढ़ में आत्मानंद स्कूल के नाम से चल रही योजना में पूरे प्रदेश में 847 आत्मानंद स्कूल खोले गए। अंग्रेजी मीडियम के साथ-साथ हिंदी मीडियम स्कूलों में वर्तमान में 586 से ज्यादा शिक्षक वर्तमान में कार्य कर रहे हैं। जिनमें से 4087 से ज्यादा शिक्षकों की संविदा भर्ती की गई। इसके साथ ही 1499 शिक्षक प्रतिनयुक्ति पर कार्यरत किए गए। जानकारों का मानना है कि अगर भाजपा की सरकार योजना का नाम बदलती है तो ऐसे में संविदा भर्ती में शिक्षकों के लिए भविष्य में संकट आ सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार योजना बदलने के साथ शिक्षकों का किस तरह से ख्याल रखती है।

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