मध्य प्रदेश: क्या अब कांग्रेस में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की नहीं चलेगी? भोपाल /( सुनील शर्मा) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी की 'जंबो कार्यकारिणी' को भंग कर दिया गया है. इसे 'जंबो कार्यकारिणी' इसलिए भी कहा जाने लगा था कि कांग्रेस ने किसी भी प्रदेश में ऐसा अनूठा प्रयोग नहीं किया था जहां प्रदेश उपाध्यक्षों और महासचिवों की संख्या 150 के आस-पास पहुँच गई थी.
इतना ही नहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कार्यकारिणी के अतिरिक्त 40 से 45 प्रकोष्ठों का भी गठन किया था जिनमें पुजारी प्रकोष्ठ के अलावा मठ-मंदिर प्रकोष्ठ और धार्मिक उत्सव प्रकोष्ठ शामिल हैं.
कार्यकारिणी भंग करने की घोषणा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त किये गए प्रभारी और संगठन के महासचिव जितेन्द्र सिंह ने मंगलवार को अचानक कर सबको चौंका दिया.
क्योंकि प्रदेश की कार्यकारिणी में ज़्यादातर वो नेता शामिल हैं जिनका चयन ख़ुद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने किया था या फिर जो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाते रहे हैं.
इसी महीने पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की जगह जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था. मंगलवार को जीतेन्द्र सिंह और नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी संगठन के नेताओं के साथ प्रदेश कार्यालय में बैठक कर रहे थे. उसी दौरान उन्होंने ये घोषणा कर डाली.
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