मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री के नाम पर बीजेपी नेतृत्व क्या सबको चौंका सकता है?
भोपाल /( सुनील शर्मा) क्या भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का ऐसा चेहरा आगे कर सबको चौंका देगी, जिसके बारे में कहीं कोई चर्चा नहीं या फिर वो मुख्यमंत्री की रेस में शामिल नहीं हैं?जानकार मानते हैं कि भाजपा ऐसा कर सकती है और उसने ऐसा कई बार किया भी है.
चाहे वो उत्तराखंड हो या फिर हरियाणा. ऐसे चेहरे को आख़िरी समय में आगे किया गया जिसके बारे में किसी को कोई अंदाज़ा ही नहीं था.
मध्य प्रदेश में वर्ष 2005 में जब बाबूलाल गौड़ को मुख्यमंत्री का पद छोड़ने को कहा गया था उस समय शिवराज सिंह चौहान का नाम रेस में कहीं भी नहीं था. वो विदिशा से सांसद थे. लेकिन आख़िरी समय में उनका नाम सामने आ गया.।
वरिष्ठ पत्रकार क्या कहते हैं, “उस समय शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की राजनीति में उतने सक्रिय नहीं थे. वो ‘लॉबिंग’ भी नहीं कर रहे थे. उस समय उनसे भी वरिष्ठ और उनसे ज़्यादा प्रभाव वाले नेता थे. अटकलें भी उन नेताओं के नामों को लेकर चल रहीं थीं. तब पार्टी ने शिवराज सिंह चौहान के नाम की घोषणा कर सबको चौंका दिया था और सारी अटकलें धरी की धरी रह गयीं थीं.”
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