कांग्रेस के सर्वे रिपोर्ट में अरुण वोरा लोकप्रिय माने गए
दुर्ग / टिकट वितरण के बाद दुर्ग शहरी सीट पर हालांकि कांग्रेस के कुछ नेताओं में असंतोष है, मगर डैमेज कंट्रोल करने में अरुण बोरा सक्षम साबित हो रहे है। क्योंकि इस सीट पर अरुण वोरा स्वाभाविक दावेदार थे। लगातार दो बार विधायक रहे हैं। तीसरी बार एकाएक उनका टिकट वैसे भी नहीं काटा जा सकता था, क्योंकि उनके परफॉर्मेंस अच्छे रहे हैं। पार्टी के प्रति निष्ठा और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी उन्होंने कभी नहीं की। लिहाजा राजनीतिक समीकरण में फिट बैठने के अलावा उनकी सक्रियता एक तरह से सराहनीय रही है। गौरतलब है चुनावी मैदान में सभी सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा हो गई है। दुर्ग शहरी व ग्रामीण सीट पर रणनीतिकारों ने मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि नामांकन दाखिले की मियांद पूरी होने के बाद मुकाबले की स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल दुर्ग शहरी जैसे सीटों में रणनीतिकारों को ज्यादा जोर लगाना नहीं पड़ रहा हैं, जहां टिकट वितरण के बाद असंतोष की स्थिति ज्यादा नहीं है। प्रत्याशियों की घोषणा के बाद दुर्ग शहर ऐसी सीट है जहां असंतुष्टों को मनाना जाना ज्यादा कठिन नहीं होगा। सभी जिलों में पार्टी ने समन्वय समिति बनाई है और इसके जरिए एकजुटता की कवायत शुरू कर दी है। इस बार कांग्रेस ने अपने 22 विधायकों का पत्ता साफ किया है, इसमें अरुण बोरा का नाम शामिल नहीं है। जाहिर है अरुण बोरा का परफॉर्मेंस के अलावा स्थानीय स्तर पर रवैया बेहतर रहा। क्षेत्र में उनके बेहतर काम हुए हैं। सर्वे रिपोर्ट में लोकप्रिय माने गए हैं।
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