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फौजी भाइयों ने की नवरात्रि पर माँ दुर्गा की विधिवतआरती पूजा 🇮🇳

आस्था में बहुत शक्ति है, दुनिया की हर सेना और हर वैज्ञानिक से लेकर डॉक्टर तक ऑपरेशन थियेटर से लेकर रिसर्च सेंटर तक पहले ईश्वर को याद करके काम करते है।
  दुर्ग ( सुनील शर्मा)    ट्रेनिंग के बाद मेरी पहली पोस्टिंग कुपवाडा (कश्मीर) की loc पर हुई। ऊँची ऊंची पहाड़ियों, कई किलोमीटर के एरिया में 10 से 15 आदमी को रहना होता था। एक बार चढ़ गए तो फिर 6 महीने या 8 महीने बाद ही नीचे आते थे। वहां हर पोस्ट पर छोटे छोटे मंदिर बना के रखते थे। फौजी भाई की जुबानी  फौजी ने नाम ना बताने की शर्त पर अपनी आप बीती बताइ। 

 फौजी ने बताया कि जिसको थोड़ा भजन कीर्तन आता हो उसे मंदिर की साफ सफाई और पूजा के लिये रखते थे ताकि दोनो टाइम वो पूजा पाठ कर दे। मंगलवार और गुरुवार को प्रशाद बनता आरती होती और सब एक घण्टा मंदिर करते और प्रशाद खाते। तब हमने भी धीरे धीरे दो चार भजन सीखे।
खासकर के यूपी,बिहार और मध्यप्रदेश वालो से, उन्हें ढोलक बजाना भी लगभग आता है।

     फौजी ने बताया कि  कभी राम बनके कभी श्याम बनके तो लगभग सबको ही आता होगा और ओम जय जगदीश हरे की आरती भी हर फौजी को आती होगी। फिर नीचे पुणे शांति एरिया में आये तो वँहा भी हर मंगलवार को मंदिर होता है।
सबको आना होता है। नही आये तो सजा मिलेगी।
फ़ौज का यही फायदा है कि वहां देशभक्ति और भगति डंडा लगाके सिखाई जाती है। और ये जायज भी है जब loc पर होते हो तो आप पोस्ट छोड़ने से पहले AK 47 के चेम्बर में राउंड डालके मंदिर पर माथा टेक के निकलते है कि जैसे जा रहे है वैसे लौटे। वैसे ही घर मे कोई हमारे लिये प्रार्थना कर रहे होते है। जंहा रिश्क और खतरा होता है वँहा धर्मस्थल होते है।
और लोग उसके भरोसे ही वँहा रहते है।अपने हाथ में वँहा कुछ नही है, एक गोला कब आके पड़ेगा आपको नही पता।
दुनिया की हर सेना और हर वैज्ञानिक से लेकर डॉक्टर तक ऑपरेशन थियेटर से लेकर रिसर्च सेंटर तक पहले ईश्वर को याद करके काम करते है।क्योकि जीवन देने वाला और लेने वाला ईश्वर ही है,और श्रद्धा के लिये कोई पारूप सामने होना भी जरूरी है।कुछ नही मिलता तो हम आसमान की तरफ देखकर ही प्रार्थना करते है।वँहा कोई दिखा है  
फौजी ने बताया कि क्या आजतक लेकिन विश्वास है बस ।ये जो सैनिक लगे है ये भजन कीर्तन में ही पसीना निकाल देते है।और मैने तो किया है आपके विचार ही नही दिमाग की शुद्धता हो जाती है ऐसा करके ।जब तक कर नही आपको क्या पता। नई ऊर्जा मिलती है।तो आस्था में बहुत शक्ति है बाकी जो पिता के पैसे पर मौज ले रहे है या बाहर निकल के कुछ देखा नही, घर मे बीड़ी फुंक रहे है उन नंगड़ो पर ध्यान देने की जरूरत नही है।

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