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ईडी के दुरूपयोग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जताई गहरी चिंता

दुर्ग /  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इसे लोकतंत्र को दबाने का प्रयास बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) को संवैधानिक दर्जा देकर इसका ऐसा दुरुपयोग भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। किसी न किसी संगठन को इसके खिलाफत में आवाज उठानी ही होगी। बकौल मुख्यमंत्री  वे न लडऩे से डरते है, न जेल जाने से डरते है, और न ही उन्हें मौत का भय है। उन्होंने कहा कि आज न्यायपालिका को भी दबाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है। यह बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग द्वारा आयोजित बार रूम नंबर चार में तीन मंजिला भवन के भूमिपूजन और ई लायबे्ररी के लोकार्पण अवसर पर कही।
 मुख्यमंत्री द्वारा उक्त कार्य के लिए 2 करोड 53 लाख की राशि मंजूर की गई थी। जिला न्यायालय दुर्ग में भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में छत्तीसगढ के महाविधवक्ता सतीश चंद वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीता यादव, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुश्री नीता जैन, विधायक अरूण वोरा , देवेन्द्र यादव, महापौर धीरज बाकलीवाल, सभापति राजेश यादव, राज्य पिछडा वर्ग आयोग उपाध्यक्ष आर एन वर्मा, पूर्व  विधायक प्रतिमा चंद्राकर ,पार्षद वृषभ जैन मंचासिन रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नेे एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) के दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होने कहा कि इस कानून की आड़ में किसी भी निरपराध आदमी को जेल में डाल सकती है। हो सकता है आज मेरी बारी हो, कल आपकी बारी होगी।
दुर्ग अधिवक्ता संघ ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का खुले मन से  स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी दिल खोलकर अधिवक्ताओं की मांगों को पूरा किया। मांग पूर्ण होने से उत्साहित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नीता जैन ने कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री उन्होंने पहली बार देखा हैं, जिनके मन में सभी के प्रति इतनी संवेदना है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि भूपेश बघेल जैसा मुख्यमंत्री मिला है, जिसके मन में एक-एक छत्तीसगढिय़ां के लिए अपनापन है। 
बार एसोसिएशन के हवाले से मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्ग बार एसोसिएशन में 3700 सदस्य है। अधिवक्ताओं के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। बार एसोसिएशन का तीन मंजिला भवन बनाकर अधिवक्ताओं की सुविधा को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। व्यवस्था में अधिवक्ताओं की अहम योगदान को रेखांकित करते हुए श्री बघेल ने कहा कि पूर्व के सारे बड़े नेता वकील ही रहे है। देश व समाज को दिशा देने में अधिवक्ताओं की भूमिका काफी बड़ी हैं। सरकार का भी दायित्व है कि वह न्याय तंत्र को सुरक्षित रखे।

2 करोड़ 53 लाख रूपये दिया..

जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग के भूमिपूजन एवम सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि निर्माण कार्यों के लिए दिया। अधिवकताओं की सुविधा के लिए टीम मंजिला बार रूम बनाई जाएगी। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा कि शपथ ग्रहण के समय अधिवक्ता संघ द्वारा लाइब्रेरी एवं बार रूम मरम्मत की मांग की गई थी। मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ में न्यायालयीन व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्था संबंधी विभिन्न मांगे पूरी की गई है। उन्होंने देश की आजादी में अधिवक्ताओं की योगदान को  उद्घृत करते हुए कहा कि समाज की विकास हेतु तब भी अधिवक्ताओं का योगदान रहा और आज भी है।  आज समाज में सबसे ज्यादा बुद्धिजीवी अधिवक्ताओं को ही माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के संविधान में व्यवस्था है कि यदि आप आरोपी है, तो इसके विरूद्ध अपनी बाते रखने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में भय सबके अंदर है, पर इसके विरूद्ध किसी ना किसी को आगे आना होगा।

कार्यक्रम का संचालन जिला अधिवक्ता संघ के सचिव रविशंकर सिंह ने की । इस अवसर पर संघ के उपाध्यक्ष प्रशांत जोशी, सुनीता कसार, कोषाध्यक्ष अनिल जायसवाल, सहसचिव कृष्णराज चंदेल, सांस्कृतिक सचिव मोनिका सिंह, लाइब्रेरी सचिव कुलश्वर साहू, द्रोण ताम्रकार, अधिवक्ता आशिष तिवारी, तुलसी साहू, राजकुमार तिवारी, चेतन तिवारी, गुलाब पटेल, रमेश शर्मा, रिशीकांत तिवारी, संतोष यदु, रियाज कुरैशी, देवेंद्र यादव, धीरेेन्द्र बघेल, रत्नाकर राव पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, पूर्व सभापति राजकुमार नारायणी के अलावा बडी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित थे। 



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