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22 विधायकों पर लटकी तलवार, नाम पर चर्चा भी नहीं, खराब परफॉर्मेंस बनी बड़ी वजह, हाई कमान इन नामों पर सख्त, पढ़िए पूरी खबर...........


 रायपुर / कांग्रेस की चुनाव समिति की लगातार बैठक और चर्चा जारी है। एक एक सीट पर माथा पच्ची चल रही है । इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि जिन 22 विधायकों का परफॉर्मेंस खराब है, जिनका नाम सर्वे में पूर कैटेगरी में था उनके टिकट पर चर्चा भी नहीं होगी। 



बताया जाता है कि सर्वे की रिपोर्ट दिल्ली गई है और वहां से ही ऐसे नामों पर फिलहाल चर्चा नहीं करने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक इसमें 22 सिटिंग विधायको के नाम शामिल हैं। इसमें दो मंत्रियों का नाम भी बताया जा रहा है इनमे से एक सरगुजा संभाग के बताए जा रहे हैं। हालांकि मंत्रियों का टिकट तो निकल जायेगा लेकिन विधायकों का टिकट काटना लगभग तय माना जनता है। कहा जा रहा है कि तमाम लाबिंग के बावजूद चुनाव समिति उनकी बातें सुनने को तैयार नहीं है। 


बताया जाता है कि पहले ऐसे विधायकों की संख्या 32 थी लेकिन कई विधायकों ने अपना परफॉर्मेंस सुधार लिया और उनकी स्थिति अच्छी हो गई लेकिन तमाम प्रयासों और चेतावनी के बाद भी इन 22 विधायकों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। ऐसा माना जा रहा है कि इन विधायकों की टिकट कटना लगभग तय है। ऐसे में दूसरे दावेदारों ने भी अपनी लाबिंग तेज कर दी है। 


प्रदेश के 23 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां के लोग हर बार चुनाव में अपना प्रतिनिधि बदल देते हैं। इनमे से 17 विधानसभा क्षेत्र 2003 के बाद लगातार अपने प्रतिनिधि बदल रहे हैं जबकि इनमे से 6 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जो 2008 के बाद अस्तित्व में आए हैं और अस्तित्व में आने के बाद से ही यहां हर चुनाव में विधायक बदल जाता है। कांग्रेस खासकर इन विधानसभाओं पर फोकस करते हुए इन्हें जितने की जुगत में लगी है। इन 23 में से ज्यादातर विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के हिस्से में है। 


लगातार अपना प्रतिनिधि बदलने वाले विधानसभा क्षेत्रों में महासमुंद जिला के चारों विधानसभा सीट, रायगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़ जैसे कई जिले शामिल हैं। इन 23 में से सारंगढ़ विधायक की स्थिति काफी मजबूत बताई जा रही है और कहा जा रहा है कि इस बार इतिहास बदलेगा और यहां की विधायक फिर से चुनाव जीतेंगी। यहां कांग्रेस के उत्तरी गणपत जांगड़े कांग्रेस से विधायक हैं।

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