2018 के विधानसभा चुनाव में राज्य की कुछ सीटों पर एक ही नाम के कई प्रत्याशी खड़े हो गए थे। इस बार भी 2023 में कुछ सीटों पर ऐसे ही समीकरण नजर आ रहे हैं।
बहरहाल महासमुंद लोकसभा सीट से पहले चर्चा पिछले विधानसभा चुनाव की। 2018 के विधानसभा चुनाव में अंबिकापुर, चंद्रपुर और कोरबा सहित कुछ और सीटों पर एक ही नाम के एक से ज्यादा प्रत्याशी चुनाव लड़े थे।
अंबिकापुर से कांग्रेस ने टीएस सिंहदेव को टिकट दिया। सिंहदेव को अंबिकापुर के लोग बाबा या बाबा साहब भी कहते हैं। तो वहां से दो और टीएस सिंह चुनाव में खड़े हो गए। दोनों नाम के साथ बाबा भी लिखते थे। इसी तरह प्रतापपुर सीट के कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. प्रेमसाय सिंह के खिलाफ प्रेमसाय के नाम के तीन उम्मीदवार मैदान में उतर गए थे।
उधर, कोरबा सीट से भाजपा प्रत्याशी विकास महतो के मुकाबले एक और विकास कुमार महतो मैदान में उतर गया। वहीं, जांजीगर-चांपा जिला की दो विधानसभा सीटों पर मिलते-जुलते 6 प्रत्याशी मैदान में थे। चंद्रपुर सीट से बसपा गीतांजलि पटेल को टिकट दिया था। वहां एक और गीतांजलि पटेल ने निर्दलीय पर्चा भार दिया था। इसी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रामकुमार यादव के एक हम नाम ने भी चुनाव लड़ था। सक्ती सीट भाजपा ने मेघाराम साहू के टिकट दिया था। इसी सीट से एनसीपी जिसे टिकट दिया उनका नाम भी मेघाराम साहू था। कटघोरा से कांग्रेस प्रत्याशी पुरुषोत्तम कंवर के हमनाम से पुरुषोत्तम सिंह कंवर भी मैदान थे। पाली-तानाखार सीट से दो रामदयाल उइके ने चुनाव लड़ा था। एक भाजपा प्रत्याशी थे, जबकि दूसरे निर्दलीय।
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