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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बघेरा स्थित आनंद सरोवर,केलाबाड़ी, सिंधिया नगर व आर्य नगर में मनाया श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

दुर्ग/  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बघेरा स्थित आनंद सरोवर,केलाबाड़ी, सिंधिया नगर व आर्य नगर पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव अत्यंत धूमधाम से मनाया गया ।
          इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज दुर्ग की संचालिका रीटा बहन ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी त्यौहार का महत्व बताते हुए कहा श्री कृष्ण जन्माष्टमी जो कि कृष्ण का जन्म उत्सव का यादगार है श्री कृष्ण के जीवन में देखेंगे तो वह सम भाव को महत्व पूरे जीवन  में दिये है इस संसार में रहते हुए कर्म को नहीं छोड़ना है हमारा कर्म कैसे हो हमारा कर्म किसी के प्रति ईर्ष्या, द्वेष व वैमनस्यपूर्ण ना हो संसार में रहना है कर्म करना है कर्म को छोड़ना नहीं है किंतु कर्म ऐसे करें कि हमारा कर्म यादगार हो इसलिए श्री कृष्ण के गुणों में सर्वगुण संपन्न,16 कला संपूर्ण,संपूर्ण निर्विकारी का गायन है । श्री कृष्ण आने वाले सृष्टि के प्रथम राजकुमार है जब वह सृष्टि में आते हैं तो संपूर्ण सृष्टि सुखदायी हो जाती है ।
    आपने आगे बताया कि निराकार परमपिता परमात्मा "शिव" जो कि इस सृष्टि के तीन देवताओं के रचयिता है परमात्मा शिव चूँकि निराकार है विदेही है वह इस सृष्टि में तीन देवताओं के द्वारा अपना महान कर्तव्य एक ही बार करते हैं ब्रह्मा जी के द्वारा सृष्टि के स्थापना का कार्य विष्णु जी के द्वारा पालन का कार्य और शंकर जी के द्वारा पुरानी व दुःखमयी सृष्टि के विनाश का कार्य । परमात्मा ने हम सभी व सर्व मनुष्य आत्माओं के लिए यह ज्ञान दिया है कि यह कलियुगी तमोप्रधान सृष्टि जो दुःखमय हो गई है यहां सर्व मनुष्य आत्माओं को ज्ञान देते हैं कि आप देह से न्यारी एक चैतन्य आत्माएं हो परमात्मा ने एक साकार मनुष्य आत्मा के तन के माध्यम से यह ज्ञान दिया और वह मनुष्य आत्मा इस ज्ञान को अपने जीवन में धारण कर अपने पूर्व विकर्मो पर परमात्मा की याद से विजय प्राप्त की वही आत्मा आने वाली सृष्टि के प्रथम महाराजकुमार श्री कृष्ण होंगे ।
इस अवसर पर बहन ईना सिंग द्वारा श्याम तेरी बंशी ...  आरंभवी बहन द्वारा यशोमति मैया से...... लड्डू सोनी द्वारा मीठी मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजे.... परमदेव भाई व नारायण भाई द्वारा गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी गयी  । राधा कृष्ण व गोपियों संग सुंदर रास नृत्य की युक्ति , चंद्राणी जागृति, मौसमी व धारिणी बहन की मनमोहक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये ।

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