शहर के मंदिरों की शोभा देखते ही बन रही है। शहर में कलाकारों ने कान्हा की लीलाओं को अपने अपने रूप से बखान करते रहे जगह जगह कार्यक्रम कर भजन भी गाये। तिराहे चौराहों को भव्य रूप से सजाया गया है। रात को दूधिया रोशनी में नहाया शहर अद्भुत रूप से सजाय गया।मंदिरों में सात सितम्बर जन्माष्टमी को कन्हैया का अभिषेक के साथ साथ महा प्रसाद का भी वितरण किया गया। भक्तों ने राम मंदिर पहुंच कर अपने आराध्य का आशिर्वाद भी लिया। वहीं मंदिरो में आज भक्तो ने वाद्ययंत्रों की धुन हरिनाम संकीर्तन किया। आज मंदिरों में कान्हा के जन्म उत्सव धूम धाम से मनाया। मंदिर में पंजरी माखन खीर, केला सेव पंच अमृत अपने कान्हा के जन्म उत्सव में बाटे गए। कृष्ण जन्माष्टमी पर शहर के प्रमुख मंदिरों में कान्हा स्वरूप बाल कृष्ण का उत्सव मनाया जाएगा। श्री कृष्ण जी का पंचामृत अभिषेक कर आरती उतारी गई। श्री गोपाल मन्दिर के पुजारी राजेश मणि शर्मा व श्री राधा कृष्ण मन्दिर के पुजारी पंडित पवन दिवेदी ने बताया कि रात्री में प्रभु की बाल स्वरूप में पूजा अर्चना होगी। मंदिर में विराजमान बाल कृष्ण जी स्वर्णिम श्रृंगार धारण कर विशाल झुला में विराजमान होंगे। जन्म उत्सव को महोत्सव के रूप में मनाया गया।
0 Comments